भारत दिल्ली/डेस्क: देशभर में अब बड़ी संख्या में लोग यूपीआई पेमेंट करते है. छोटा सामान लेना हो या बड़ा अधिकांश लोग ऑनलाइन पेमेंट करना ज्यादा पसंद करते हैं. हर महीने यूपीआई के जरिए अरबों ट्रांजैक्शन होते हैं. लेकिन, अब सरकार यूपीआई पेमेंट करने वालों को एक बड़ा झटका देने वाली है. दरअसल सरकार यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) या चार्ज लगाने की अनुमति दे सकती है, जिसके बाद 2000 रुपये से ऊपर के बिजनेस भुगतान पर चार्ज लग सकता है. यह चार्ज 0.25% से 0.4% तक हो सकती है. हलांकि राहत की बात है कि यह चार्ज व्यक्ति से व्यक्ति के ट्रांसफर पर लागू नहीं होगा.
देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल मंगलवार को संसद में पेश किए गए टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर एमडीआर लगाने के प्रतिबंध को हटाने का प्रस्ताव रखा है. हलांकि सरकारी अधिकारियों ने कहा कि इसे कब लागू किया जाएगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है.
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आम जनता पर इसका ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन बड़े व्यापारियों पर इसका इसका प्रभाव पड़ सकता है.

