*लखनऊ*
स्वाइन फ्लू को लेकर यूपी में हाईअलर्ट है और मौसम में बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू और कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं – यूपी में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने लगे हैं…लखनऊ पीजीआई में 15 दिन में 8 मरीज मिले, मुरादाबाद में स्वाइन फ्लू के 5 केस हैं, जबकि बस्ती में 2 मरीजों की पुष्टि हुई है और पीजीआई में बीते दिनों के दौरान जांच में स्वाइन फ्लू और कोरोना के 16 मरीज मिले हैं, इनमें एच1एन1 स्वाइन फ्लू के आठ और कोरोना के आठ मरीज शामिल हैं हालांकि सभी में संक्रमण के हल्के लक्षण मिले हैं और अधिकांश मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी करते हुए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।।
*U.P*
दिल्ली, गाजियाबाद के बाद अब हापुड़ में भी स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है – चार मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि की गई है…इनमें गौतमबुद्धनगर के अस्पताल में हापुड़ के धनौरा निवासी बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया है, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की, जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली और शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक के बाद अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए हैं, सीएमओ डॉ. किशोर आहूजा ने बताया कि हापुड़ के केशवनगर निवासी 58 वर्षीय महिला का इलाज मेरठ में चल रहा है वहां आरटीपीसीआर जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, गढ़मुक्तेश्वर की रहने वाली 58 वर्षीय महिला में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि की गई है।।
*लखनऊ*
डिप्टी सीएम ने निर्देश दिया कि हर सरकारी अस्पताल में स्क्रीनिंग काउंटर तुरंत सक्रिय किया जाए और फ्लू मरीजों के लिए 10 से 20 बिस्तरों का आइसोलेशन वार्ड बनाया जाए, लखनऊ के बड़े अस्पतालों में 25-25 बिस्तरों के विशेष वार्ड स्थापित किए जाएं उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज को अस्पताल से लौटने की शिकायत नहीं आनी चाहिए…मास्क, सैनिटाइजर और बुखार प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन हो, साथ ही जांच, दवा और बिस्तर की हर हाल में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और निजी अस्पतालों और पैथ लैब पर भी नजर
यूपी में स्वाइन फ्लू के साथ वायरल और मौसमी बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाया है – राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है और शनिवार को उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में तय किया गया कि बिना अपरिहार्य कारण के कोई भी अवकाश स्वीकृत नहीं होगा और पहले से स्वीकृत छुट्टियां भी शासन की अनुमति के बिना निरस्त मानी जाएंगी।।

